बलौदाबाजार : आपदा पीड़ित परिवारों को 16 लाख रूपये की आर्थिक सहायता

प्राकृतिक आपदा से मृत 4 लोगों के निकट परिजनों के लिए 16 लाख रूपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है। प्रत्येक व्यक्ति के लिए 4-4 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। कलेक्टर चंदन कुमार ने राजस्व पुस्तक परिपत्र की धारा 6-4 के तहत 11जनवरी 2024 को ये स्वीकृतियां प्रदान की हैं। जिला कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार हितग्राहियों में रोहित रात्रे पिता श्यामरतन रात्रे, निवासी ग्राम नगपुरा दतान प, तहसली पलारी, पप्पू ध्रुव पिता तिहारू धु्रव, निवासी ग्राम वटगन, तहसील पलारी, सामनी ध्रुव पति स्व. अशोक ध्रुव, निवासी ग्राम लाहोद, तहसील लवन एवं रामसिंग वर्मा पिता स्व. रेवाराम वर्मा निवासी ग्राम डांेगरा तहसील लवन शामिल हैं। हितग्राहियों के निकट परिजनों के गढ्ढा के पानी में डूबने, सर्पदंश, आग में जलने से मौत हो गई थी। कलेक्टर ने संबंधित तहसीलदारों को आरटीजीएस के जरिये पीड़ित लोगों के खाते में राशि जमा करने के निर्देश दिये हैं।

इस प्राकृतिक आपदा ने कई परिवारों को अपने प्रियजनों की असमय हानि से उठाने के लिए विवश कर दिया है। यह दुःखद घटना हमें याद दिलाती है कि हम सभी को अपने आसपास के लोगों के साथ और संवेदनशीलता से साथीत्व बनाए रखना चाहिए। इस आपदा ने न केवल एक व्यक्ति की जिंदगी को उजाड़ा है, बल्कि उनके परिवार को भी अवांछित दुःख में डाल दिया है।

रोहित रात्रे के पिता, श्यामरतन रात्रे, निवासी ग्राम नगपुरा दतान प, तहसली पलारी, पप्पू ध्रुव के पिता, तिहारू धु्रव, निवासी ग्राम वटगन, तहसील पलारी, सामनी ध्रुव के पति, स्व. अशोक ध्रुव, निवासी ग्राम लाहोद, तहसील लवन एवं रामसिंग वर्मा के पिता, स्व. रेवाराम वर्मा, निवासी ग्राम डांेगरा, तहसील लवन, इन सभी परिवारों को यह आर्थिक सहायता उनके दुःखद नुकसान को कुछ हद तक सामंजस्यपूर्ण करने के लिए दी गई है। इस आर्थिक मदद के माध्यम से, हम समाज के इन परिवारों के साथ हैं और उनके दुख को हल्का करने का प्रयास कर रहे हैं।

कलेक्टर चंदन कुमार के नेतृत्व में जिला कार्यालय ने इस मामले में स्वीकृति के निर्देश दिए हैं, जिससे पीड़ित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता मिल सके। यह एक प्रशंसनीय कदम है जो इस दुःखद घटना में पीड़ितों को संबद्ध करता है और उन्हें आशा के एक बुंद के रूप में सहारा प्रदान करता है।

इस संदर्भ में, हम सभी को इस मानवीयता और सामाजिक जिम्मेदारी का संचालन करने के लिए प्रेरित होना चाहिए। हमें अपने समुदाय में एक-दूसरे के साथ उत्कृष्ट संबंध बनाए रखने की आवश्यकता है, ताकि हम अधिक संवेदनशील, समर्थक और संबलित समाज का निर्माण कर सकें।

प्राकृतिक आपदाओं के समय, हमें एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करना और साथ मिलकर समस्याओं का समाधान करना होता है। इस आर्थिक सहायता के माध्यम से, हम उन परिवारों के साथ हैं जिन्होंने इस अभीयान के दौरान सब कुछ खो दिया है। उनके दुख में साझा शोक और सहानुभूति हमारा धर्म है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *