बलौदाबाजार : पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए बैंक खाते को आधार से लिंक कराना अनिवार्य

भारत सरकार, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, नई दिल्ली ने 2022-23 वित्त वर्ष के दौरान ऑनलाइन पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना की शुरुआत की है। इस योजना के अंतर्गत, विद्यार्थियों को उनकी छात्रवृत्ति की राशि पी.एफ.एम.एस के माध्यम से भुगतान किया जा रहा है। इस योजना के तहत, विद्यार्थियों के बैंक खाता संख्या को आधार से सीडिंग किया जाता है और उनके खाते में छात्रवृत्ति राशि हस्तांतरित की जाती है। बिना बैंक खाता और आधार सीडिंग के, विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति की राशि नहीं मिल पाती।

सभी जिलों में स्थित सरकारी और गैर-सरकारी महाविद्यालय, पॉलिटेक्निक, और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं के प्रमुखों, छात्रवृत्ति प्रभारियों, और अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, और अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों को अब अंतिम अवसर दिया जा रहा है। इन छात्रों से अनुरोध किया जा रहा है कि वे 23 जनवरी 2024 तक अपने बैंक शाखा में जाकर अपने खातों को आधार से सीडिंग कराएं और एनपीसीआई मैपिंग को भी सक्रिय करें, ताकि उनके खाते में छात्रवृत्ति राशि हस्तांतरित की जा सके। बैंक खाते में आधार सीडिंग करने का यह अंतिम अवसर है, और इसके बाद कोई और मौका नहीं दिया जाएगा।

यदि आधार सीडिंग की प्रक्रिया पूरी नहीं होती है और विद्यार्थी छात्रवृत्ति की राशि से वंचित रहते हैं, तो संबंधित छात्रों की पूरी जिम्मेदारी उन्हें संभालनी होगी। यह अंतिम अवसर है और इसके बाद कोई अतिरिक्त संभावना नहीं होगी।

यह योजना छात्रों को विद्या संचालित समृद्धि की ओर एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे अनेक छात्रों को वित्तीय सहायता प्राप्त होगी, जो उन्हें अध्ययन के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। यह योजना सामाजिक न्याय और समर्थन के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह छात्रों को समाज में समानता की दिशा में आगे बढ़ने का एक माध्यम भी प्रदान करती है।

सरकारी और शैक्षिक संस्थाओं के प्रयासों के माध्यम से, छात्रों को वित्तीय सहायता प्राप्त करने में आसानी होगी, जिससे उन्हें अपने अध्ययन को जारी रखने में मदद मिलेगी। इस प्रकार, सरकार छात्रों के भविष्य को समृद्ध और सुखमय बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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