बीजापुर : मनरेगा में मजदूरी भुगतान अब आधार आधारित

मिनिस्ट्री आफ रूरल डेवलपमेंट भारत सरकार ने 1 जनवरी से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना अंतर्गत श्रमिकों के मजदूरी भुगतान आधार बेस्ड पेमेंट सिस्टम के आधार पर करना अनिवार्य कर दिया है। यह सिस्टम आधार कार्ड से बैंक का खाता लिंक के आधार पर कार्य करेगा। श्रमिकों को जिस बैंक में मनरेगा मजदूरी का भुगतान चाहिए होगा, उस बैंक में जाकर आधार नंबर को लिंक कराना होगा। उक्त जानकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत रवि कुमार साहू ने दी।

मनरेगा अंतर्गत जिले में वर्तमान में 50 हजार से अधिक मजदूरो के खाते आधार लिंक है, जो कि आधार भुगतान हेतु सक्षम है। जिले में वर्तमान में तकरीबन 7 हजार मजदूर प्रतिदिवस मनरेगा अंतर्गत मजदूरी कर रहे हैं जिनका भुगतान आधार इनिबेल्ड पेमेंट सिस्टम के आधार पर किया जा रहा है।

जिला पंचायत सीईओ रवि साहू ने मनरेगा के जिला अधिकारियों की बैठक लेकर अधिक से अधिक मनरेगा मजदूरों के बैंक खाते से आधार लिंक कराने के निर्देश दिए। यह सिस्टम कैसे काम करता है इसकी जानकारी मनरेगा जाबकार्डधारी परिवारों को देने जागरूक और आवश्यक सहयोग करने को कहा।

जन मनरेगा एप बनी मददगार- सहायक परियोजना अधिकारी मनीष सोनवानी ने बताया कि जन मनरेगा एक एप्लीकेशन है जिसे मोबाइल में इंस्टाल किया जा सकता है। प्रायः फील्ड स्तर पर श्रमिकों को मजदूरी भुगतान की शिकायतें रहती थी। अब उन शिकायतों और शंकाओं का निराकरण इस एप्लीकेशन के माध्यम से उनके समक्ष तत्काल किया जा सकता है। जन मनरेगा में जाबकार्ड नंबर के आधार पर उस जाबकार्ड में परिवार, कार्य दिवस व कार्य विवरण, भुगतान विवरण, आधार से संबंधित विवरण के साथ राशि भुगतान किस बैंक खाते में गए है वो भी जानकारी मिल पाएगी।

जनमनरेगा एप्लिकेशन के माध्यम से, श्रमिकों को अपने भुगतान की स्थिति का तत्काल अपडेट मिलता है और वे अपने पेंडिंग भुगतानों को ट्रैक कर सकते हैं। इसके अलावा, यह ऐप उन्हें मजदूरी की तिथि, मासिक भुगतान, और अन्य संबंधित जानकारी प्रदान करता है। यह उनके लिए अत्यंत उपयोगी है क्योंकि इससे उन्हें अपने आर्थिक स्थिति का सही अनुमान होता है और वे अपनी वित्तीय योजनाओं को बेहतर ढंग से प्रबंधित कर सकते हैं।

इस तरह, राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत श्रमिकों को उनके भुगतान को लेकर सुगमता प्रदान की जा रही है, जिससे उनका जीवन अधिक सुविधाजनक बन सके और वे अपने आर्थिक संघर्षों का समाधान कर सकें। इसके साथ ही, इस योजना के माध्यम से डिजिटल पेमेंट सिस्टम को बढ़ावा मिल रहा है, जो आर्थिक संचार को सुगम बनाने में मदद करेगा और अधिक लोगों को आर्थिक समावेशन का लाभ पहुंचाएगा।

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