बिलासपुर : प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के तहत आवेदन आमंत्रित

प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन (पीएमएफएमई) के तहत, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र द्वारा आनलाईन आवेदनों का स्वागत है। इस योजना के अंतर्गत, विभिन्न निजी और नवीन सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को सम्मिलित किया गया है। इनमें राईस मिल, पोहा मिल, केटल फीड, बेकरी, नमकीन उद्योग, रेडी-टू-इट उत्पाद, मसाला उद्योग, पापड़, बड़ी, आचार, मुरमुरा उद्योग, फुटा चना उद्योग, आदि शामिल हैं।

इस योजना के तहत, पात्र उद्यमों को परियोजना लागत का 35 प्रतिशत क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी प्रदान की जाएगी, लेकिन इसकी सीमा 10 लाख रुपये तक है। यहां तक कि लाभार्थी को कुल लागत का कम से कम 10 प्रतिशत अंशदान देना होगा, बाकी राशि को बैंक के ऋण के रूप में लिया जाएगा।

प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना का मुख्य उद्देश्य सूक्ष्म उद्योगों को बढ़ावा देना है ताकि उनकी विकास और संवर्धन को सहारा मिले। इसके माध्यम से न केवल रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी, बल्कि भारतीय खाद्य उत्पादों का उत्पादन भी बढ़ेगा।

इस योजना के तहत खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ, संबंधित उद्यमों को तकनीकी सहायता भी प्रदान की जाएगी। इससे उन्हें उद्यम की शुरुआत से लेकर उसकी स्थायित्व तक का समर्थन मिलेगा।

प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना एक महत्वपूर्ण कदम है जो सूक्ष्म और नवीन उद्यमों के लिए एक विशेष तरीके से बढ़ती आवश्यकताओं को पूरा करता है। यह योजना न केवल उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करती है, बल्कि उनकी संबलता और अधिकारिता को भी बढ़ाती है।

संक्षेप में, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना ने सूक्ष्म उद्योगों के लिए एक नया द्वार खोला है जो उन्हें आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने में सहायता करेगा और देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बनाएगा। इसके माध्यम से, हम एक स्वावलंबी, सक्षम और समृद्ध भारत की ओर अग्रसर हो रहे हैं।

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