न्यायाधीश पारूल श्रीवास्तव और कलेक्टर श्री चौहान की उपस्थिति में संपन्न हुआ राष्ट्रीय मतदाता दिवस कार्यक्रम

सारंगढ़-बिलाईगढ़, 25 जनवरी 2024/ राष्ट्रीय मतदाता दिवस 25 जनवरी पर कलेक्टर श्री के एल चौहान के नेतृत्व में सारंगढ़ के सेजेस स्कूल परिसर में कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि न्यायाधीश पारूल श्रीवास्तव ने शत-प्रतिशत मतदान हेतु सभी को शपथ दिलाई कि “हम, भारत के नागरिक लोकतंत्र में अपनी पूर्ण आस्था रखते हुए यह शपथ लेते हैं कि हम अपने देश की लोकतांत्रिक परम्पराओं की मर्यादा को बनाये रखेंगे तथा स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण निर्वाचन की गरिमा को अक्षुण्ण रखते हुए, निर्भीक होकर, धर्म, वर्ग, जाति, समुदाय, भाषा अथवा अन्य किसी भी प्रलोभन से प्रभावित हुए बिना सभी निर्वाचनों में अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगें |”। इसके बाद न्यायाधीश पारुल श्रीवास्तव ने “वोट जैसा कुछ नहीं, वोट जरूर डालेंगे हम” थीम पर बने केक काटी। इस अवसर पर न्यायाधीश अभिनव डहरिया, अपर कलेक्टर निष्ठा पाण्डेय तिवारी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी प्रकाश भारद्वाज, संयुक्त कलेक्टर मोनिका वर्मा, एसडीएम वासु जैन, डाॅ स्निग्धा तिवारी, टी आर माहेश्वरी, परियोजना अधिकारी एवं स्वीप नोडल हरिशंकर चौहान, बरमकेला बीईओ नरेश कुमार चौहान एवं स्कूल के अध्यापकगण एवं स्कूली छात्र छात्राएं उपस्थित थे। कार्यक्रम का मंच संचालन कवियत्री प्रियंका गोस्वामी ने की। 
इस अवसर पर कलेक्टर श्री के एल चौहान ने कहा कि हम भाग्यशाली हैं कि हम आज मतदान कर सकते हैं, चुनाव लड़ सकते हैं और अपने अधिकारों का प्रयोग कर सकते हैं और यह सब हमें अपने पूर्वजों की मेहनत से हासिल हुआ है। साथ ही कलेक्टर ने बताया कि निर्वाचन के नियम बहुत सख्त होते हैं। 18 वर्ष पूर्ण करने के पश्चात् लोकसभा चुनाव 2024 के बाद साल भर में कभी भी मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वा सकते हैं। उन्होंने वोटर आईडी कार्ड का महत्व बताते हुए कहा कि इसका उपयोग हम पहचान के रूप में भी कहीं भी कर सकते हैं। कलेक्टर ने सभी से आग्रह करते हुए कहा कि हम सभी अपने मताधिकार का प्रयोग करें। न्यायाधीश पारूल श्रीवास्तव ने कहा कि मताधिकार को कर्तव्य न होकर इसे अधिकार शायद इसलिए कहा गया कि यह भाव रहे कि यह मेरा अधिकार है, इसलिए हमें चाहिए कि हम अपने क्षेत्र के लिए अच्छे प्रतिनिधि का चुनाव करें। जो भविष्य में मताधिकार का प्रयोग करेंगे, वे भी बिना किसी प्रलोभन से प्रभावित व प्रलोभित होते हुए अपने मतदान का प्रयोग करें। उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं संयुक्त कलेक्टर प्रकाश भारद्वाज ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस के इतिहास की जानकारी देते हुए कहा कि राष्ट्रीय मतदाता दिवस बनाने की शुरूआत राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल के समय से हुई और इसका उद्देश्य देश के मतदाताओं को मतदान हेतु प्रेरित करना था। भारत निर्वाचन आयोग का गठन 25 जनवरी 1950 को किया गया था। उसी के उपलक्ष्य में यह मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि हमारे देश में 96 करोड़ मतदाता हैं और उसमें भी युवा मतदाता सबसे अधिक है। इसके साथ ही उन्होंने युवा मतदाताओं से मतदान हेतु अपील की। इस अवसर पर युवा मतदाताओं को बैच के साथ प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसी क्रम में विधानसभा निर्वाचन में बेहतर कार्य हेतु अपर कलेक्टर, एसडीएम एवं निर्वाचन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कलेक्टर द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

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