रायपुर : जूते-चप्पल पहने किसी को आता देखकर बिरहोर भाग जाते थे, उनसे जुड़ने जागेश्वर यादव ने ली जीवन भर नंगे पाँव रहने की शपथ

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने एक प्रेरणास्पद और सेवाभावी कार्यकर्ता का सम्मान किया जो अपने संकल्प से बिरहोर जनजाति की सेवा कर रहे थे। यह कार्यकर्ता पिछड़े वर्ग से आए थे और उन्हें मुख्यमंत्री ने राज्य अतिथि गृह में सम्मानित किया। उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किये जाने के बारे में मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के निर्णय की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने पूरे छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया है।

इस सम्मानित कार्यकर्ता, श्री जागेश्वर यादव, ने भी मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया और उनके साथ बैठकर पिछड़े वर्ग के लोगों के लिए योजनाएं बनाई। उन्होंने व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री का सहयोग उन्हें कभी नहीं भूलेगा। श्री यादव ने मुख्यमंत्री की पहली ही कैबिनेट में आवासीहीनों के लिए आवास उपलब्ध कराने का निर्णय सराहा, जिससे सभी बिरहोरों को पक्का मकान मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किये जाने पर केंद्र सरकार का निर्णय सेवा भाव से संकल्पित एक कार्यकर्ता का सम्मान बताया। जब प्रदेश में कोरोना महामारी फैली, तो भारत सरकार ने वैक्सीन की उपलब्धता के साथ इसके वितरण का कार्य किया। इस प्रकार की स्थिति में, बिरहोर लोगों के मन में वैक्सीन को लेकर आशंकाएं थीं, लेकिन प्रशासन के आग्रह के बावजूद, उन्होंने इसके खिलाफत का निर्णय लिया।

इस संदर्भ में, श्री जागेश्वर यादव ने बिरहोरों को वैक्सीन के लिए तैयार किया। उन्हें बिरहोर लोग अपना मसीहा मानते हैं। उन्होंने पाली विकासखंड में 3 कार्यक्रम आयोजित किए, जिसमें मुझे भी शामिल होने का मौका मिला। मुझे श्री यादव के सम्मान की जानकारी मिलते ही अत्यंत खुशी हुई।

इस प्रकार, यह सम्मान न केवल एक व्यक्ति के प्रति सम्मान का प्रतीक है, बल्कि एक सामाजिक उत्थान के लिए भी महत्वपूर्ण है। इससे स्पष्ट होता है कि सेवा और समर्पण की भावना से जुड़े व्यक्तियों को समाज और सरकार का समर्थन मिलता है और उनका योगदान महत्वपूर्ण माना जाता है। इससे हमें आत्मनिर्भर और समृद्ध समाज की दिशा में एक सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में प्रेरित करता है।

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