राजनांदगांव : गणतंत्र दिवस में सीआरसी के दिव्यांग बच्चों ने किया सांस्कृतिक कार्यक्रम

भारतीय सरकार के अधीन स्थित एनआईईपीआईडी सिकंदराबाद के सामाजिक न्याय एवं अधिकरिता मंत्रालय के द्वारा संचालित सीआरसी राजनांदगांव में गणतंत्र दिवस कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर सीआरसी के निदेशक श्रीमती स्मिता महोबिया ने ध्वजारोहण किया। 75वें गणतंत्र दिवस पर, दिव्यांग जन को व्हिल चेयर, प्रोस्थेटिक, बेल्ट निःशुल्क वितरित किया गया। सभी दिव्यांग बच्चों और छात्रों ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया, जिसे देखकर सभी उत्साहित हुए।

इस उत्सव में सीआरसी के सभी कर्मचारी, विद्यार्थी, और उनके माता-पिता भाग लिए। सभी प्रतिभागियों ने इस कार्यक्रम को सजीव बनाया।

यह उत्सव दिव्यांग जन को समाज में एकाधिकृत करने और उन्हें समाज के साथ समर्पित करने का एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है। गणतंत्र दिवस के इस उत्सव में, हम समाज को साकार करते हैं कि हर व्यक्ति का अधिकार और मौजूदा समाज के साथ उनका संबंध महत्वपूर्ण है।

यहां, दिव्यांग जन को न केवल उनके अधिकारों की जानकारी दी गई, बल्कि उन्हें उनकी आवश्यकताओं के अनुसार सहायता भी प्रदान की गई। इसके साथ ही, उन्हें समाज में सम्मान और समर्थन का भी अहसास हुआ।

इस कार्यक्रम ने दिखाया कि हमारा समाज उन्नति और समृद्धि की दिशा में अग्रसर है। दिव्यांग जन को समर्थ बनाने के लिए विभिन्न सुविधाओं का प्रावधान करने के लिए सरकार और समाज की ओर से कदम उठाए गए हैं।

इस कार्यक्रम के माध्यम से, हमारे समाज में दिव्यांग जन के प्रति सहानुभूति और समर्थन का भाव विकसित होता है। इससे न केवल उन्हें आत्म-सम्मान का एहसास होता है, बल्कि समाज का भी विकास होता है।

इस उत्सव ने हमें एक सकारात्मक संदेश दिया है कि हमारे समाज में समावेश और समर्थन के लिए सभी के लिए समान अवसर होने चाहिए। दिव्यांग जनों को समाज में समानता का एहसास दिलाने के लिए ऐसे कार्यक्रम और पहलू अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

समर्थन, समानता, और समावेश के सिद्धांतों पर आधारित इस कार्यक्रम ने हमें एक सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया है। इससे हमारे समाज का विकास और समृद्धि के मार्ग में नई ऊर्जा और संजीवनी मिलती है।

गणतंत्र दिवस के इस महान उत्सव में, हम सभी को एक साथ मिलकर समाज में समर्थ और समाविष्ट होने के महत्व को समझने का अवसर मिला। इसके माध्यम से, हम एक बेहतर और समृद्ध भारत की ओर अग्रसर हो सकते हैं।

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